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राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय के जीवन से जुड़ी कुछ ख़ास बातें…

बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय 19वीं शताब्दी के बंगाल के प्रकाण्ड विद्वान तथा महान कवि और उपन्यासकार थे। उन्होंने 1874 में प्रसिद्ध देश भक्ति गीत वन्देमातरम् की रचना की जिसे बाद में आनन्द मठ नामक उपन्यास में शामिल किया गया।

आइये जान लेते हैं बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय के जीवन से जुड़ी कुछ बातें …
-बंगला भाषा के प्रसिद्ध लेखक बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का जन्म 26 जून, 1838 ई. को बंगाल के 24 परगना ज़िले के कांठल पाड़ा नामक गाँव में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था।
-बंकिम ने1874 में प्रसिद्ध देश भक्ति गीत वन्देमातरम् की रचना की जिसे बाद में आनंदमठ नामक उपन्यास में शामिल किया गया।
-आजीविका के लिए बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने सरकारी सेवा की, परन्तु राष्ट्रीयता और स्वभाषा प्रेम उनमें कूट-कूट कर भरा हुआ था।
-बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय भारत के ‘एलेक्जेंडर ड्यूमा’ माने जाते हैं।
– बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने 1865 में अपना पहला उपन्यास ‘दुर्गेश नन्दिनी’ लिखा।
– रबीन्द्रनाथ ठाकुर, बंकिम को अपना गुरु मानते थे। उनका कहना था कि, ‘बंकिम बंगला लेखकों के गुरु और बंगला पाठकों के मित्र हैं।
-बंकिम के दूसरे उपन्यास ‘कपाल कुण्डली’, ‘मृणालिनी’, ‘विषवृक्ष’, ‘कृष्णकांत का वसीयत नामा’, ‘रजनी’, ‘चन्द्रशेखर’ है।
-राष्ट्रीय दृष्टि से ‘आनंदमठ’ बंकिम का सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है जिसमें सर्वप्रथम ‘वन्दे मातरम्‘ गीत प्रकाशित हुआ था।
-आधुनिक बंगला साहित्य के राष्ट्रीयता के जनक इस नायक का 8 अप्रैल, 1894 ई. को देहान्त हो गया।