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भारत के इन पाँच राजाओं के बारे में जानेंगे तो हैरान रह जाओगे

आज हम आपको कुछ ऐसे भारतीय राजाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपने अजीबो- ग़रीब कारनामों से इतिहास रच दिया।
1- जूनागढ़ के महाराज

जूनागढ़ के महाराज जनता की तरह ही अपने पालतू कुत्‍तों को इतना प्यार करते थे कि, उनके पास एक या दो नहीं बल्कि पूरे 800 कुत्ते थे और हर कुत्‍ते की सेवा में एक-एक सेवक हुआ करता था। और सबसे ख़ास बात ये की इन कुत्‍तों का इलाज ब्रिटिश सर्जन से होता था। इतना ही नहीं किसी एक कुत्‍ते के मरने पर एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया जाता था। कहा तो ये भी जाता है कि, महाराज बक़ायदा इन कुत्तों की शादी भी कराते थे, शादी का खर्च करीब 20 लाख रुपये आता था । इसके अलावा पूरे देश में छुट्टी घोषित करा दी गई थी ताकि हर कोई कुत्‍तों को इत्‍मिनान से आशीर्वाद दे सके।

 

2 – कपूरथला के महाराज

कपूरथला के महाराज जगजीत सिंह के शौक भी काफी अलग थ्‍ो। वह लक्ज़री ब्रांड लुइ विटन के सबसे बड़े ग्राहक थे। इसका उदाहरण है कि उनके पास करीब 60 बड़े लुइ विटन के शानदार बक्से थे। यात्रा के बेहद शौकीन महाराज जगजीत सिंह हर जगह अपने साथ इन बक्‍सों को ले जाते थे।

 

3 – हैदराबाद के निज़ाम

हैदराबाद के निज़ाम मीर उस्मान अली खां के शौक भी कम नहीं थ्‍ो। वह इन अजब-गजब शौकों की सूची में शामिल थे। इन्‍हें कीमती जवाहरातों का बड़ा शौक था। दुनिया के पांचवें सबसे बड़े 184.97 कैरट के जैकब डायमंड को एक पेपर वेट की तरह ये प्रयोग करते थे। ये डायमंड इनके न रहने के बाद भारत सरकार के खजाने में जमा हो गया। इन्‍हीं सबकी वजह से ही उनका करीब खजाना 2 बिलियन डॉलर था।

4 – महाराजा स्वामी माधोसिंह

 

महाराजा स्वामी माधोसिंह को बर्तनों का बड़ा शौक था। इनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। इनके खजाने में दुनिया के 2 सबसे बड़े चांदी के बर्तन थे। इन्‍हें बनाने के लिए करीब 14000 सिक्‍कों को पिघलाए गए थे। सबसे खास बात तो यह है कि इन चांदी के पतीलों में वह लंदन यात्रा के दौरान गंगाजल भर के ले जाते थे।

5 – ग्वालियर के महाराज

इन महाराजा की मेहमानवाजी का कोई जोड़ नहीं था। इनकी मेहमानवाजी के काफी चर्चे थे। इनके पास चांदी से बनी एक टॉय ट्रेन थी। इसका इस्‍तेमाल शाही दावतों के दौरान लोगों तक सिगार और शराब पहुंचाने के लिए होता था। इसे देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ होती थी।