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अनगिनत टैक्स से “आज़ाद” भारत, इतिहास के पन्नों में दर्ज़ हुए क्षण

हिंदुस्तान को एक टैक्स से जोड़ने वाला GST आज रात से लागू हो गया। संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित किये गए कार्यक्रम में इसका विधिवत रूप से आग़ाज़ किया गया। आज़ाद भारत के लोकतंत्र में ये तीसरा मौका था, जब आधी रात को संसद भवन का सेंट्रल हॉल इतिहास के पन्नों में एक और गाथा लिखने के लिए खोला गया। इस ऐतिहासिक क्षणों में बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं के अलावा लाल कृष्ण आडवाणी, अमित शाह, नितिन गटकरी, हेमा मालिनी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी मौजूद रहे।
कार्यक्रम शुरुआत हिंदुस्तान के राष्ट्रगान के साथ शुरू की गयी, जिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मौजूत लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, आज हम अहम देश की अहम् यात्रा के लिए एकत्रित हुए हैं। GST लागू होने के बाद भारत एक नई यात्रा पर निकल पड़ेगा। जेटली ने कहा कि, हमारा मकसद “एक राष्ट्र – एक टैक्स ” बनाना है।

– GST के बाद राज्य और केंद्र सरकार एक दिशा में काम करेंगी।

-GSTअपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है।

-संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने योगदान लायक सुझाव दिए।

-GSTकी प्रक्रिया 15 साल पहले शुरू हुई।

-प्रोफ़ेसर दास गुप्ता से पहली GSTकी शिक्षा मिली।

-17 टैक्स और 23 सेक्स टैक्स ख़त्म हो जाएंगे।

– महीने की 10 तारिख को एक रिटर्न भरना होगा।

वित्त मंत्री के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि,राष्ट्र के निर्माण में कुछ ऐसे पल आते हैं जिस पल पर हम नए मुक़ाम की ओर जाते हैं। आज आधी रात के बाद देश एक अलग मार्ग पर चल पड़ेगा। पीएम ने कहा कि GST के रुप में हम एक नए भारत की शुरुआत कर रहे हैं, इसके लिए सेंट्रल हॉल से अच्छी जगह कोई नहीं है. मोदी बोले कि गीता में भी 18 अध्याय थे, और जीएसटी काउंसिल की भी 18 बैठके हुईं. पीएम ने कहा कि अब पूरे देश में एक ही टैक्स लगेगा, लगभग 500 टैक्स खत्म हो रहे हैं। अब से पहले दिल्ली में कुछ और दाम रहता था, तो नोएडा में कुछ और पर अब ऐसा नहीं होगा।

– कुछ देर बाद देश नई व्यवस्था की ओर चल पड़ेगा।

-GST सिर्फ़ अर्थव्यवस्था के दायरे तक ही सीमित नहीं है।

-GST किसी एक दल की सिद्धि नहीं है, ये हम सबकी साझा विरासत है।

-125 करोड़ देशवासी इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी

– 14 अगस्त 1947 को रात 12 बजे आज़ादी के गवाह।

– ये संयोग ही है कि, गीता के 18 श्लोक थे और GST के लिए 18 सभाएं की गयीं।

-GST टीम इंडिया की शक्ति का परिचारक है।

-GST से आर्थिक एकीकरण का काम होगा।

-GST से काले धन पर लगाम लगाई जाएगी।

-अफवाहों के बाज़ार से दूर रहें, और देश चल पड़ा है उसके साथ चलें।

-75 लाख तक के व्यापारी को GST से राहत होगी।

– GST से कच्चे बिल पक्के बिल का खेल खत्म हो जायेगा।

इस दौरान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने संबोधित करते हुए कहा कि, अब से कुछ मिनटों बाद GST शुरू हो जाएगा। ये एक ऐतिहासिक क्षण है। GST एक ऐतिहासिक घटना है। राष्ट्रपति ने कहा GST का काम एक काउंसलिंग को सौपा गया था। GST से मुझे व्यक्तिगत तौर पर संतोष है। मुझे विश्वास है कि,GST देश को एक नई दिशा देगा। मुझे ख़ुशी है कि, मुझे GST काउंसिल कमेटी के साथ काम करने का मौका मिला। GST के लिए कई राज्यों के मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की थी। उन्होंने कहा कि, जब भी कुछ नया करते हैं, तो कुछ कठिनाइयां होती हैं, लेकिन बहुत जल्द सब कुछ आसान हो जाएगा।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने घंटी बजा कर GST को लागू कर दिया गया।