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वाटरपार्क जाने से पहले ये ख़बर जरूर पढ़ें….

एक तरफ गर्मी की तपिश दूसरी तरफ़ छुट्टियों का वक़्त ऐसे में हर कहीं ना कहीं घूमने जाना चाहता है। इस गर्मी में हर किसी की पहली पसंद वाटरपार्क जाना होती है ताकि गर्मी से थोड़ी देर राहत मिल सके और तन मन दोनों ही खुश हो जाते हैं। लेकिन ये खुशी स्किन एलर्जी देखकर तुरंत काफूर भी हो जाती है। गर्मियों में वाटरपार्क जाने से आप कूल जरूर हो जाते हो लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं क्योंकि वाटरपार्क के जहां फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी ।

वाटरपार्क में आपको तीन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

पहला वाटरपार्क खुले में होते हैं जिससे सनबर्न होने की संभावना अधिक होती है।
दूसरा पानी में मिले डिसइंफेक्टेंट या फिर क्लोरीन की वजह से आपकी स्किन में एलर्जी हो सकती है।
तीसरा वाटरपार्क में दूषित पानी की समस्या है।

  • स्किन टैनिंग एक आम समस्या है। धूप में ज़्यादा देर तक स्वीमिंग करने से त्वचा जल जाती है। किसी-किसी की स्किन में रिंकल की भी समस्या हो जाती है। गर्मियों में तो वैसे भी सनस्क्रीन लगाना चाहिए । लेकिन स्वीमिंग पूल में जाने से पहले तो सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी है। सनस्क्रीन वॉटर रेजिस्टेंट होनी चाहिए ताकि पानी से लोशन धुल न जाए।
  • दूसरी समस्या स्वीमिंग पूल के पानी का दूषित होना है। स्वीमिंग पूल में कई तरह के लोग स्वीमिंग करते हैं ऐसे में उनकी बीमारियां दूसरों को होने का खतरा बना रह सकता है। सार्वजनिक पूल में स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि अक्सर पूल में बच्चे पेशाब कर देते हैं ।
  • पूल का पानी बदलने की स्पीड काफी कम होती है। ऐसे में स्किन में खाज-खुजली होने की आशंका अधिक हैं। बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन होने का खतरा भी बना होता है। ऐसे में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। स्वीमिंग करने वालों में अगर कुछ लोगों को चर्म रोग है तो वो बीमारी दूसरों को भी फैल सकती है। ऐसे में स्वीमिंग पूल के चयन में भी खास ध्यान रखना चाहिए।
  • ज्यादातर स्वीमिंग पूल प्रशासन क्लोरीन का इस्तेमाल करते हैं। आमतौर पर पानी का पीएच स्तर 7.2-7.8 के बीच होना चाहिए लेकिन स्वीमिंग पूल के पानी का पीएच लेवल काफी ज्यादा होता है जो सेंसिटिव स्किन वालों को नुकसान पहुंचा सकता है। ज्यादा देर तक क्लोरीन के पानी में रहने से त्वचा सूख जाती है और एलर्जी होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
  • वाटरपार्क में स्वीमिंग करने से त्वचा के साथ -साथ कान ,नाक गला भी प्रभावित हो सकता है। इन तीनों अंगों में भी इंफेक्शन होने की आशंकाएं बनी होती हैं। इसलिए पूल में उतरने से पहले सिर और कान को पूरी तरह से ढंक लेना चाहिए और कैप लगाना चाहिए।

लेकिन घबराइए मत इन जरुरी बातों का ख्याल रख कर स्वीमिंग का लुत्फ उठाया जा सकता है।

वाटर पार्क में इन बातों का रखे ख्याल

1 स्वीमिंग पूल के चयन में रखें सावधानी।

2 पूल कॉस्ट्यूम को साफ रखें।

2 स्वीमिंग से पहले भी नहाएं।

3 सनस्क्रीन लगाएं।

4 स्वीमिंग के बाद साबुन और शैंपू से नहाएं।

5 साफ टॉवल का प्रयोग करें।

6 मॉइश्चराइजर लगाएं।

इन बातों से बचें…..

1 पूल में ज्यादा देर तक ना रहें।

2 पानी मुंह में जाने पर तुरंत कुल्ला करें।

3 स्किन एलर्जी होने की स्थिति में पूल से बाहर निकल जाएं।

4 चेहरे को पानी के अंदर जाने से बचाएं।