dharam Latest

क्या आपको पता है क्यों मनाई जाती है ईद ?

ईद में हम लोगों को गले लगकर मुबारकबाद तो देते हैं। हर जगह हर्षोल्लास से ईद मनाई जाती है लेकिन क्या आपको ईद की अहमियत पता है ? क्या आपको ये पता है कि ईद-उल-फ़ितर का नाम कैसे पड़ा ?

दरअसल, ईद रमज़ान के महीने की इबादतों और रोज़ों के बाद आती है। रमज़ान के आख़िरी दिन चाँद को देखकर उसके अगले दिन ईद मनाई जाती है।
गरीबों की मदद के लिए रोज़ेदारों ने रोज़े किये थे, 30 दिन लगातार रोज़े रखने में कामयाबी पाने का जश्न मनाने के लिए भी ईद मनाई जाती है। आपको ये जान कर अच्छा लगेगा कि ईद के दिन पढ़ी जाने वाली नमाज़ में लोग-बाग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने उन्हें 30 दिन भूखा रहने की हिम्मत दी है।
मुस्लमान ईद को अल्लाह से उपहार मांगने का दिन मानते है।

ईद का नाम ईद-उल-फ़ितर इसलिए पड़ा क्योंकि मुस्लिम समुदाय ईद के दिन नमाज़ पढ़ने से पहले फ़ितरा अदा करते हैं और जकात भी निकालते हैं। फितरे का अर्थ होता है ग़रीबों या फ़कीरों को फितरे के रूप में कुछ रक्म देना और ये भी कहा जाता है कि बिना जकात या दान के ईद की नमाज़ पूरी नहीं मानी जाती।