dharam Latest

घर के मंदिर में ना करें ये 20 गलतियां वरना नहीं होगा पूजा का असर….

हर घर में मंदिर होता है जहाँ घर के सदस्य रोजाना नियमति रूप से पूजा अर्चना करते है। अक्सर जल्दबाज़ी में लोग घर पर पूजा करते वक़्त पूजन के नियमों का पालन नहीं कर पाते, जिस वजह से घंटों पूजा करने के बाद भी पूजा का फल नहीं मिल पाता। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे नियम बताने जा रहे है जो घर में पूजा करने के लिए बेहद जरुरी हैं।
सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु, पंचदेव कहलाते हैं। पूजन करते समय इन पंचदेव का ध्यान जरूर करना चाहिए।

अगर मंदिर में एक ही भगवान की दो तस्‍वीरें हैं तो उन्‍हें आमने-सामने न रखें।

भगवान की मूर्तियों को एक-दूसरे से कम से कम 1 इंच की दूरी पर रखें।

मंदिर में मृतकों और पूर्वजों के चित्र भी नहीं लगाना चाहिए।

पूजा के मंदिर देवी-देवताओं को हार-फूल, कभी भी बिना धोएं अर्पित ना करें।

पूजा घर में कभी भी गणेश जी की 3 प्रतिमाएं नहीं होना चाहिए।

शिवजी, गणेशजी और भैरवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए।

मां दुर्गा को दूर्वा नहीं चढ़ानी चाहिए। ये गणेशजी को विशेष रूप से अर्पित की जाती है।

प्लास्टिक की बोतल में या किसी अपवित्र धातु के बर्तन में गंगाजल नहीं रखना चाहिए। गंगाजल तांबे के बर्तन में रखना शुभ रहता है।

तांबे के बर्तन में चंदन, घिसा हुआ चंदन या चंदन का पानी नहीं रखना चाहिए।

अपने मंदिर में लकड़ी एवं फायबर की मूर्तियां न रखें।

मंदिर में खण्डित, जलीकटी फोटो और टूटा काँच भूलकर भी ना रखें। खंडित मूर्तियों की पूजा अशुभ मानी गई है।

मंदिर के ऊपर भगवान के वस्त्र, पुस्तकें और बाकी सामान ना रखें।

घर के मंदिर में दो शंख एक साथ कभी नहीं रखने चाहिए।

शिवलिंग रखना चाहते हैं तो शिवलिंग हमारे अंगूठे के आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए।

पूजन करते वक्त ये भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि पूजा के बीच में दीपक बुझना नहीं चाहिए। ऐसा होने पर पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता है।

कभी भी जमीन पर खड़े या बैठकर पूजा न करें, हमेशा आसन बिछा कर ही पूजा करें।

विष्णु भगवान को चावल, गणेश जी को तुलसी, देवी को दूर्वा और सूर्य को बिल्व पत्र कभी नहीं चढ़ाना चाहिए।

पूजा में घी का दीपक हमेशा दाईं तरफ और तेल का दीपक बाईं ओर रखना चाहिए।

जल पात्र, घंटा, धूपदानी जैसी चीजें हमेशा बाईं तरफ रखनी चाहिए।

देवी-देवताओं को हमेशा अनामिका (हाथ की तीसरी उंगली) से तिलक या सिंदूर लगाएं।

गणेश जी, हनुमान जी, दुर्गा माता या किसी भी मूर्ति से सिंदूर लेकर माथे पर नहीं लगाना चाहिए।