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हैप्पी बर्थडे ‘दादा’ : जानिए सौरव गांगुली के बेहद खास रिकॉर्ड्स के बारे में….

आज प्रिंस ऑफ कोलकाता और बंगाल टाइगर के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली का 45वां जन्मदिन है। सौरव गांगुली का जन्म आज ही के दिन यानी 8 जुलाई 1972 को कोलकाता के राजसी परिवार में जन्म हुआ था। सौरभ गांगुली ने अपने क्रिकेट करियर में अनगिनत उपलब्धियां हासिल कीं हैं। सिर्फ इतना ही नहीं भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में दादा गांगुली की अहम भूमिका रही है। वो सौरव गांगुली ही है जिन्होंने भारतीय टीम को फिक्सिंग विवाद से बाहर निकालकर नई ऊंचाइयों पर लेकर गए।

गांगुली ने 1996 में लॉर्ड्स के मैदान पर अपने पहले ही मैच में शतक जड़ दिया था। विदेशी जमीन पर उनकी कप्तानी में भारत ने 28 टेस्ट मैच खेले जिसमें से 11 में जीत हासिल की।

113 टेस्ट मैचों में गांगुली ने 7,213 और 311 वनडे खेलने के बाद उन्होंने 11,363 रन रन बनाए। भारत की ओर से वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा स्कोर 183 उनके नाम है।

गांगुली ने वनडे में कुल 22 शतक लगाए जिसमें से 18 उन्होंने भारत के बाहर लगाए। वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने अभी तक एशिया के बाहर कोई सेंचुरी नहीं लगाई है।

गांगुली मुख्य रूप से दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं लेकिन वो बाएं हाथ के बल्लेबाज इसलिए बने ताकि अपने भाई का क्रिकेट का सामान इस्तेमाल कर सकें।

साल 2000 में मैच फिक्सिंग प्रकरण के बाद जब भारतीय क्रिकेट संकट में था तब गांगुली ने टीम की कमान संभाली। जब वो कप्तान बने भारत की टेस्ट रैंकिंग 8 थी। मगर कप्तानी से रिटायर होते होते भारत दूसरे पायदान की टीम था।

गांगुली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद सन 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ 239 रन बनाए। बैंगलोर में खेली गयी यह पारी उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का एकमात्र दोहरा शतका है।

2000 में केन्या में खेला गया आईसीसी नॉकआउट कप गांगुली का पहला बड़ा टूर्नमेंट था। इसके फाइनल में क्रिस क्रेन्स की शानदार पारी के दम पर भारत को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2002 में भारत ने श्री लंका आईसीसी चैंपियंस ट्रोफी का संयुक्त खिताब जीतकर गांगुली की कप्तानी में पहला

2002 का नेटवेस्ट फाइनल भला कौन भूल सकता है। भारतीय टीम ने 146 रनों पर 5 विकेट गंवाने के बाद इंग्लैंड के स्कोर 325 को पार किया था। भारत की इस जीत में युवा चेहरे मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बाद गांगुली का लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारकर लहराना तो क्रिकेट प्रेमी शायद ही कभी भूल पाएंगे।

2003 में गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। 1983 के बाद पहली बार भारतीय टीम वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। फाइनल में उसके सामने अजेय समझे जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम थी। फाइनल में भारत को 125 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।

2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घरेलू मैदान ईडन गार्डंस पर उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला। फिलहाल गांगुली क्रिकेट असोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष हैं।

वनडे में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच रहने के मामले में सौरव गांगुली सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं। सचिन तेंदुलकर 62 बार मैन ऑफ द मैच बन चुके हैं जबकि गांगुली को 31 बार मैन ऑफ द मैच चुना गया है।

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को उनके 45वें जन्मदिन पर देश और दुनिया से फैंस सोशल मीडिया पर हार्दिक शुभकामनाएं दे रहे हैं। स्टोरी हाउ की टीम की ओर से भी दादा को जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं।