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शिया -सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड में हुए घोटाले को लेकर यूपी की राजनीति उफ़ान पर

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिया -सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड में हेराफ़ेरी की संभावनों के चलते की गयी करवाई के बाद सूबे में सियासत तेज़ हो गयी है। इस मामले में जहाँ मुस्लिम धर्म गुरुओं ने योगी के इस फ़ैसले का स्वागत किया है। वहीं शिया वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने मामले को अदालत तक ले जाने की बात कही है।

ग़ौर हो कि, शिया -सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड में हेराफ़ेरी को लेकर योगी सरकार ने दोनों ही बोर्ड की जांच सीबीआई जांच कराने की बात कही है। इससे पहले योगी सरकार ने इस मामले में बड़ा फ़ैसला लेते हुए बोर्ड से छः लोगों को उनके पद से हटा दिया है। योगी सरकार द्वारा पद से बर्ख़ास्त किये गए लोगों में, विशेष सचिव नजमुल हसन रिजवी, आलिमा जैदी, अख्तर हसन रिजवी(पूर्व राज्यसभा सांसद), सैय्यद वली हैदर(मुरादाबाद), अफशा जैदी(मुजफ्फरनगर), सय्यद अजीम हुसैन(बरेली) हैं।

आपको बता दें कि, इन सभी लोगों को 2015 में अखिलेश सरकार ने आज़म खान के कहने पर पद दिया था। योगी सरकार द्वारा उठाये गए इस क़दम की सहारनपुर के काज़ी मौलाना नदीम अहम ने सराहना करते हुए कहा है कि, धर्म की करने वाले, अगर धर्म का पैसा खाते हैं तो उनके ख़िलाफ़ ऐसे क़दम उठाना लाज़मी है।

वहीं शिया वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। हालाँकि उन्होंने कहा कि, अगर सरकार सीबीआई जांच करना चाहती है तो करा ले। साथ ही उन्होंने इस मामले को लेकर अदालत में ले जाने की भी बात कही।